Udgaar

श्री कृष्णकुमार

ग्राम-बबुवापुर, पोस्ट-
सोनवानी जिलाः-बलिया उ.प्र.-277402 

भगवान प्रगट होवो अभियान में जो चीजें आपने बताई है, वो तरीका मुझे बहुत पसंद आया। आप जो
बता रहे हो वो चीज हमें किसी भी प्रोग्राम में देखने के लिए नहीं मिली है। मैं दिल से कह रहा हूँ कि मैं
भगवान प्रगट होवो का प्रोग्राम बड़े ही ध्यान से देखता हूँ.. भाई साहब प्रोग्राम में जिस तरह से बातें बता
रहे थे उससे हमारे अंदर उनके लिए आत्मीयता निर्माण हो रही थी। भाई साहब के कहने में हमें
(आर्तभाव) बेचैनी, व्याकुलता नजर आ रही थी और उससे मैंने ये अनुभव किया कि वो भगवान आपके
बहुत करीब हैं, आपके पास हैं। मैंने उनके चेहरे के भाव को देखा और उनकी बातचीत से मैं विवस हो
गया और मैंने आपको फोन किया। ये आपकी मैं तारीफ नहीं कर रहा बल्कि ये हकीकत है आपका ये
काम ऐसा ही चालू रहे। हम भी यही चाहते हैं कि इस संस्था से जुड़ जाय यानी भगवान से ही हम जुड़
जाय। भगवान को ऐसे बुलाते रहना हमारा कर्तव्य है। हमें अभियान बहुत, बहुत, बहुत अच्छा लगा।
एकदम सराहनीय अभियान है। आपकी प्रसंशा करने के लिए हम शब्द ही नहीं ढूँढ पा रहे हैं.. भगवान
को बुलाने व पुकारने का खुद भी प्रयास करूँगा तथा औरों को भी बताने की पूरी-पूरी कोशिश करूँगा।
भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो.. भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो 9795928735

विपिन कुमार,

पंजाब

मैंने जब भगवान प्रगट हो प्रोग्राम देखा तो मुझे बहुत-बहुत
बढ़िया लगा। अभियान की बातें मेरे मन को छू गई.. आज प्रत्यक्ष आपसे बातें करते समय ऐसा लगा कि
साक्षात् हमें भगवान का ही दर्शन हो गया। आपकी आवाज में भगवान का रुप हमें नजर आ रहा है..
अगर आप हमारे सामने होते तो … … …
कल का दिन मेरा कैसा होगा ये तो पता नहीं, लेकिन आज का दिन तो मेरे लिए खास और
बढ़िया हैं। भगवान प्रगट हो सुनकर तो जैसे जुबान पर फूल खिल रहे हैं.. हम जैसे यहाँ झूल रहे हैं..
आपकी कही हुई हर एक बात हम बाहर नहीं जानें दे रहे। यानी एक कान से सुना और दूसरे कान से
छोड़ दिया ऐसी बात नहीं है। भगवान प्रगट हो अभियान का हरएक शब्द हमारे पेट में जा रहा है और
हम उसे अंदर हजम कर रहे हैं.. आपका धन्यवाद तो हमें कैसे करना चाहिए हम यह नहीं जानते… …
आपने जो कहा कि हम अवगुणों से भरे हैं तो… आप अवगुणों से भरे नहीं बल्कि आप तो गुणों के भंडार
हैं। भगवान प्रगट हो की पुकार अवश्य ही अवश्य ही करनी चाहिए।

जन्मेजयजी बिहार के रहनेवाले हैं। इन्होंने काफी लंबे समय तक भगवान प्रगट होवो अभियान के
विचारों को सुना और कहा कि मैं अवश्य ही भगवान को प्रगट होनेवास्ते पुकारूँगा और दुनिया के हर
इंसान को यह चाहिए कि वो भगवान को प्रगट होनेवास्ते पुकारे तथा और लोगों को भी पुकारने वास्ते
प्रेरित करे। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने फोनकर मुझे इतनी अच्छी-अच्छी जानकारियाँ दी।
जन्मेजयजी काफी समय तक फोन पर ही भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो.. बोलते रहे.. उनका कहना है
कि भगवान को प्रगट होनेवास्ते हम सभी को पुकारना चाहिए.. प्रगट होना या ना होना भगवान की
मर्जी.. हम पुकारें तो सही.. भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो.. भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो..

गोपाल मिश्र (महाराष्ट्र)
मोः 98220 36461

भगवान प्रगट होवो प्रोग्राम मैंने पहली बार देखा, तो मैं बहुत प्रभावित हुआ। हम ज्यादा प्रभावित और
खुश इसलिए हुए कि इसमें कोई गुरु-बाबा नहीं है और किसी से पैसा-चंदा नहीं लेते। आज मेरी उम्र 62
साल है, आधी जिन्दगी तो यों ही चली गई, लेकिन हमें ईश्वर की प्राप्ति नहीं हुई। लेकिन आज आपसे
बात करके हमें सद्बुद्धि, नयी ऊर्जा, नयी दिशा मिली है। आपसे बात करके सच में हमें सही रास्ता मिला
है। उस मालिक का मैं बहुत आभारी हूँ क्योंकि उसने हमें आप जैसे लोगों से मिला दिया। ईश्वर प्राप्ति
का यही रास्ता होगा ऐसा हमें लग रहा है। आज हमारे आँख में खुशी के ईश्वर के बारे में प्रेम के आँसू
आये हैं। हमें तो आपके विचार सुनकर और आपसे बात करके रोना आ रहा है।

मेरे जानकारी के अनुसार ये दुनिया का पहला ऐसा अभियान है जिसमें कोई गुरु-साधु नहीं और
दान-दक्षिणा भी नहीं लेते। वाह-वाह क्या कहूँ आपके अभियान के बारे में मेरे पास शब्द ही नहीं है।
जितनी तारीफ इस अभियान की करें कम है। आज से मैं भी भगवान प्रगट होवो की पुकार लगाऊँगा
तथा और भी लोगों को इसके बारे में बताऊँगा। भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो.. भगवान प्लीज तुरंत
प्रगट होवो.. भगवान प्लीज तुरंत प्रगट होवो..